Skip to main content

निश्चय..!!


प्रारंभिक भोर में लिया दृढ़ निश्चय,

शंध्या आते विफलता की चौखट लांघ लेता है.!!

प्रतिबिम्ब सा मन ओज से भरा,

परिस्तिथियों से तल्लीन खुद को अधीन बना लेता है। !!

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

पुरुषत्व ..!!

मेरे अभिमान को अहंकार का नाम देने से पहले
अपने पुरुषत्व की परिभाषा बदल,
ये तेरे द्वारा दिए गए अनुभवों का  ही परिणाम हैं ।।

दुविधा...!!!!

मन ऐसो मेलन भरा, ते तन सुच्चो कैसो कहाय ...!
जे सोचु हरी ते पाप हरे, ते पूजन न सुहाय ...!!
ऐसो दुविधा सांस लगी, न निति कोई सुझाय ...!
तर जाऊ मैं पाप ते, या खुद ने देउ डुबोय ....!!